
लखनऊ, 18 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का कार्यकर्ता सम्मेलन सामाजिक समरसता, राष्ट्रप्रेम और शिक्षा के संदेश के साथ आयोजित हुआ। राजभवन के सामने स्थित लोक निर्माण विभाग (PWD) परिसर के Vishveshvaraiya Auditorium में दोपहर करीब एक बजे शुरू हुए इस सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम माननीय Dr. Indresh Kumar Ji के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिसमें संगठन की जिम्मेदारियों, राष्ट्रीय एकता और समाज के प्रति सकारात्मक योगदान जैसे विषय प्रमुख रहे।
Dr. Indresh Kumar Ji के मार्गदर्शन में राष्ट्र और समाज पर विमर्श
माननीय Dr. Indresh Kumar Ji राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य तथा मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संरक्षक एवं प्रमुख मार्गदर्शक हैं। सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और विभिन्न समुदायों के बीच संवाद को प्रोत्साहित करने से जुड़े उनके मार्गदर्शन ने मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की गतिविधियों में महत्वपूर्ण स्थान बनाया है।

लखनऊ सम्मेलन में उनकी मौजूदगी ने कार्यक्रम को मार्गदर्शन और विचार-विमर्श का अवसर प्रदान किया। सम्मेलन का व्यापक संदेश यह रहा कि समाज में आपसी विश्वास मजबूत करने, देश की एकता को बनाए रखने और नागरिक जिम्मेदारियों को समझने के लिए संवाद और सहभागिता जरूरी हैं।
Prof. (Dr.) Shahid Akhter का संबोधन: शिक्षा, चरित्र निर्माण और राष्ट्रप्रथम
सम्मेलन में Prof. (Dr.) Shahid Akhter ने कार्यकर्ताओं की भूमिका, चरित्र निर्माण, शिक्षा और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य पर विचार रखे। वे भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत National Commission for Minority Educational Institutions (NCMEI) के सदस्य एवं कार्यवाहक अध्यक्ष हैं। इसके साथ ही वे Jamia Millia Islamia, New Delhi के Department of Management Studies में प्रोफेसर और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक हैं।
उनका शैक्षणिक और प्रशासनिक अनुभव विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों तक फैला है। वे Jharkhand State Minorities Commission के अध्यक्ष तथा शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत National Council for Promotion of Urdu Language (NCPUL) के उपाध्यक्ष के रूप में सेवाएँ दे चुके हैं। Aligarh Muslim University की कार्यकारी परिषद में भारत के राष्ट्रपति द्वारा नामित विजिटर सदस्य के रूप में भी उनकी भूमिका रही है।

अपने संबोधन में Prof. (Dr.) Shahid Akhter ने कार्यकर्ताओं को किसी भी संगठन की रीढ़ बताते हुए उनके आचरण, समर्पण और जिम्मेदारी के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि समाज और देश के लिए प्रभावी योगदान देने की शुरुआत व्यक्ति के अपने चरित्र और व्यवहार से होती है। उन्होंने बच्चों को दीनी और दुनियावी तालीम देने, शिक्षा के प्रसार तथा शिक्षित समाज के निर्माण पर जोर दिया। उनके विचारों में धार्मिक पहचान के साथ राष्ट्रीय पहचान, देशप्रेम और भारत की सांस्कृतिक विविधता को समझने का संदेश भी प्रमुख रहा।
Kallu Ansari और Anjum Ansari की भागीदारी
सम्मेलन में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक Kallu Ansari और राष्ट्रीय संयोजिका Anjum Ansari भी शामिल रहे। Kallu Ansari, Sufi Sant Malang के राष्ट्रीय संयोजक हैं, जबकि Anjum Ansari इस संगठन की राष्ट्रीय सह-संयोजिका हैं। दोनों Gulshan Public School के संचालक भी हैं और शिक्षा तथा सामाजिक गतिविधियों के क्षेत्र में सक्रिय हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर संगठन से जुड़े अन्य पदाधिकारियों में Dr. Shalini Ali, Mohammad Afzal Ansari, Reshma Hussain, Girish Juyal और Syed Raza Hussain Rizvi के नाम भी शामिल हैं। सम्मेलन में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की भागीदारी ने संगठन के विभिन्न क्षेत्रों में फैले नेटवर्क तथा आपसी संवाद को सामने रखा।
कुरआन की तिलावत से शुरुआत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाई कार्यक्रम की गरिमा
सम्मेलन का शुभारंभ पवित्र कुरआन की तिलावत से हुआ। इसके बाद नज़्म, शायरी और ग़ज़लों की प्रस्तुतियाँ हुईं। कार्यक्रम में राष्ट्रगान Jana Gana Mana और राष्ट्रगीत Vande Mataram भी प्रस्तुत किए गए। धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ राष्ट्रीय प्रतीकों को स्थान मिलने से कार्यक्रम में सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय गौरव दोनों की अभिव्यक्ति दिखाई दी।
विभिन्न समुदायों से जुड़े लोगों की उपस्थिति ने सामाजिक सद्भाव (Social Harmony) और सामुदायिक सहभागिता (Community Engagement) के महत्व को रेखांकित किया। सम्मेलन में शिक्षा, आपसी सम्मान और देश के प्रति जिम्मेदारी जैसे विषय भी चर्चा के केंद्र में रहे।
शिक्षा और सामाजिक सद्भाव के साथ राष्ट्रसेवा का संदेश

कार्यक्रम में प्रस्तुत विचारों का मूल भाव यह रहा कि किसी भी संगठन की शक्ति उसके कार्यकर्ताओं के चरित्र, व्यवहार और समाज के प्रति जिम्मेदारी में निहित होती है। शिक्षा को व्यक्तिगत विकास के साथ राष्ट्रीय प्रगति का आधार बताया गया। साथ ही, भारत की सांस्कृतिक विविधता का सम्मान करते हुए राष्ट्रीय एकता और आपसी विश्वास को मजबूत करने की आवश्यकता सामने आई।
Dr. Indresh Kumar Ji के मार्गदर्शन, Prof. (Dr.) Shahid Akhter के संबोधन तथा Kallu Ansari, Anjum Ansari और अन्य पदाधिकारियों की भागीदारी के साथ यह सम्मेलन कार्यकर्ताओं के लिए विचार-विमर्श और संवाद का अवसर बना। कार्यक्रम का संदेश शिक्षा, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता और जिम्मेदार नागरिकता को व्यवहार में अपनाने से जुड़ा रहा।













