
आगरा। विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और समाज में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से गुलशन पब्लिक स्कूल में Drug De-Addiction Campaign चलाया गया। इस दौरान सूफी संत मलंग मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक कल्लू अंसारी और राष्ट्रीय सह-संयोजिका अंजुम अंसारी ने छात्र-छात्राओं को नशीले पदार्थों से दूर रहने का संदेश दिया। इस Gulshan Public School अभियान में विद्यार्थियों को तंबाकू, गुटखा और धूम्रपान जैसी आदतों से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करने पर जोर दिया गया।
Drug De-Addiction Campaign में छात्रों को मिला जागरूकता का संदेश
स्कूल परिसर में आयोजित इस पहल के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि नशे की आदत व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा और पारिवारिक जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। कम उम्र में तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों की शुरुआत भविष्य के लिए गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती है।
विद्यार्थियों को जागरूक रहने, गलत आदतों से दूरी बनाए रखने और अपने साथियों को भी सही जानकारी देने के लिए प्रेरित किया गया। अभियान का उद्देश्य केवल नशे के नुकसान बताना ही नहीं, बल्कि बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी रहा।
पोस्टरों के जरिए दिया गया नशामुक्ति का संदेश

नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए अभियान में पोस्टरों के माध्यम से भी संदेश दिया गया। विद्यार्थियों ने तंबाकू से दूर रहने और स्वस्थ जीवन अपनाने से संबंधित संदेशों के जरिए इस विषय पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
ऐसी गतिविधियां बच्चों को सामाजिक विषयों के प्रति जागरूक बनाने में मदद कर सकती हैं। जब विद्यार्थी स्वयं किसी अच्छे संदेश का हिस्सा बनते हैं, तो वे उस जानकारी को अपने परिवार और आसपास के लोगों तक भी पहुंचा सकते हैं।
कल्लू अंसारी और अंजुम अंसारी ने युवाओं को किया प्रेरित
कार्यक्रम के दौरान कल्लू अंसारी और अंजुम अंसारी ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने स्वस्थ और जागरूक युवा पीढ़ी को मजबूत समाज की आधारशिला बताते हुए नशामुक्त वातावरण बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
युवाओं को शिक्षा, खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करना भी नशे से बचाव के प्रयासों का अहम हिस्सा है। इसके लिए स्कूल, परिवार और समाज के बीच सहयोग आवश्यक है।
नशे से बचाव में परिवार और शिक्षकों की भूमिका
बच्चों और किशोरों को नशे से दूर रखने के लिए समय पर सही जानकारी देना बेहद महत्वपूर्ण है। परिवार और शिक्षक यदि बच्चों से खुलकर बातचीत करें और उन्हें सकारात्मक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करें, तो जागरूकता के प्रयास अधिक प्रभावी हो सकते हैं।
विद्यालयों में इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को समझने और सही निर्णय लेने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। साथ ही, समाज में नशे के खिलाफ जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा देने में भी योगदान दे सकते हैं।
स्वस्थ युवा, मजबूत समाज का आधार

Gulshan Public School में आयोजित इस जागरूकता पहल ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और दूसरों को भी जागरूक करने का संदेश दिया। तंबाकू और नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी फैलाना युवाओं के बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
निष्कर्ष: आगरा में नशामुक्ति को लेकर चलाया गया यह अभियान विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने की पहल है। स्कूलों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयासों से नई पीढ़ी को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।