REET: लड़कों के जनेऊ खुलवाए-लड़कियों की नाक की नथ उतरवाई… दूसरे दिन भी रीट एग्जाम में यूं बरती गई सख्ती

REET: लड़कों के जनेऊ खुलवाए-लड़कियों की नाक की नथ उतरवाई… दूसरे दिन भी रीट एग्जाम में यूं बरती गई सख्ती

राजस्थान में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (REET 2025) का आयोजन सख्त नियमों और कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच हुआ। परीक्षा के पहले दिन ही कड़ी सुरक्षा जांच ने चर्चा बटोरी थी, लेकिन दूसरे दिन चेकिंग प्रक्रिया ने अभ्यर्थियों को और भी ज्यादा असहज कर दिया।

परीक्षा केंद्रों पर लड़कों को जनेऊ उतारने के लिए मजबूर किया गया, जबकि लड़कियों से उनकी नाक की नथ और अन्य गहने उतरवाए गए। इस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था से कई परीक्षार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

REET 2025 परीक्षा में इस बार क्यों बरती गई इतनी सख्ती?

पिछले कुछ वर्षों में नकल और पेपर लीक मामलों ने राजस्थान सरकार को सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया है।

  • 2022 में REET पेपर लीक कांड के कारण कई अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया था।
  • 2023 में भी परीक्षा में नकल के कई मामले सामने आए थे।
  • इसी को देखते हुए 2025 की परीक्षा में सुरक्षा नियमों को पहले से ज्यादा कड़ा कर दिया गया।

सरकार और परीक्षा समिति ने यह सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठाए कि इस बार परीक्षा बिना किसी गड़बड़ी के संपन्न हो।

परीक्षा केंद्रों पर कैसे हुई चेकिंग?

REET परीक्षा में इस बार नकल रोकने के लिए कड़े नियम लागू किए गए। इनमें शामिल थे:

✅ जनेऊ और धार्मिक धागे उतारने का आदेश – चेकिंग अधिकारियों ने लड़कों से जनेऊ और कलाई पर बंधे धार्मिक धागे तक खुलवा दिए।
✅ गहनों पर सख्ती – लड़कियों की नाक की नथ, कान के झुमके, चूड़ियां और अंगूठियां उतरवाई गईं।
✅ जूते-चप्पल तक हटाए गए – कुछ परीक्षा केंद्रों पर उम्मीदवारों को केवल चप्पल पहनकर आने की अनुमति दी गई, जूते पहनकर आने वालों को बाहर ही उतारना पड़ा।
✅ हेयरपिन और रबर बैंड बैन – लड़कियों को परीक्षा कक्ष में हेयरपिन, रबर बैंड या क्लिप पहनने की इजाजत नहीं थी।
✅ धार्मिक प्रतीकों पर भी पाबंदी – किसी भी तरह के मंगलसूत्र, बिंदी या अन्य धार्मिक प्रतीक चिह्नों को पहनने की इजाजत नहीं दी गई।
✅ फुल स्लीव कपड़े प्रतिबंधित – लड़कों और लड़कियों दोनों के लिए फुल स्लीव शर्ट और कुर्ते पहनकर आना मना था।

छात्रों ने जताई नाराजगी, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

REET परीक्षा में अत्यधिक सख्ती की वजह से छात्रों ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी व्यक्त की।

  • एक छात्रा ने ट्वीट किया, “नाक की नथ तक उतरवाना कहां तक जायज है? क्या अब परीक्षा देने के लिए अपनी संस्कृति भी छोड़नी पड़ेगी?”
  • एक अभ्यर्थी ने लिखा, “जनेऊ खोलने को कहना हमारी धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ है, क्या अब परीक्षा देने के लिए हमें धर्म भी त्यागना पड़ेगा?”
  • कुछ परीक्षार्थियों ने समर्थन भी किया – “अगर यह सख्ती नकल रोकने के लिए है, तो हमें इसका पालन करना चाहिए। परीक्षा को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए ये जरूरी है।”

लेकिन, परीक्षा के दौरान इस तरह की सख्ती से कई छात्राओं और छात्रों को मानसिक असहजता का सामना करना पड़ा।

सरकार और प्रशासन का बयान

इस पूरे विवाद के बाद, राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) और शिक्षा विभाग ने बयान जारी कर कहा कि,

“हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो। पिछले वर्षों में पेपर लीक और नकल की घटनाओं के कारण इस बार कड़े नियम लागू किए गए हैं। सभी उम्मीदवारों को पहले ही सूचित किया गया था कि उन्हें परीक्षा केंद्र में क्या पहनकर आना है और क्या नहीं।”

हालांकि, कई छात्रों ने इसे “अत्यधिक सख्ती” करार दिया और सरकार से अपील की कि अगली बार चेकिंग प्रक्रिया को थोड़ा संवेदनशील और सुव्यवस्थित बनाया जाए।

क्या यह सख्ती सही है? विशेषज्ञों की राय

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सख्ती जरूरी है, लेकिन हद से ज्यादा सख्ती छात्रों के लिए असहज हो सकती है।

  • कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी चीजों को हटवाना छात्रों की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है।
  • हालांकि, नकल रोकने के लिए तकनीकी समाधानों का इस्तेमाल किया जा सकता है, जैसे मेटल डिटेक्टर, जैमर और AI-आधारित निगरानी प्रणाली।
  • विशेषज्ञों का सुझाव है कि बिना जरूरत की चीजों को बैन करने के बजाय स्मार्ट सुरक्षा उपाय अपनाए जाएं।

निष्कर्ष: क्या अगली बार नियमों में बदलाव होगा?

REET 2025 परीक्षा में नकल रोकने के लिए बेहद कड़े सुरक्षा उपाय किए गए, लेकिन इसकी वजह से कई परीक्षार्थी असहज महसूस कर रहे थे।

आप इस सख्ती के बारे में क्या सोचते हैं? क्या परीक्षा में इतनी सख्ती जरूरी है? कमेंट में अपनी राय दें! Read More

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