भारत में चीनी निर्यात कोटा पूरा करने में कठिनाई: उद्योग सूत्रों की राय

नई दिल्ली: भारत इस सीजन में अपने 10 लाख मीट्रिक टन चीनी निर्यात कोटा को पूरा करने में संघर्ष कर रहा है। चीनी उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अब तक केवल 4 से 5 लाख टन चीनी का निर्यात किया गया है, और शेष मात्रा को पूरा करने में कई चुनौतियाँ बनी हुई हैं।

मुख्य चुनौतियाँ

✅ कमजोर उत्पादन: उत्तर भारत में खराब मौसम और कम गन्ने की आपूर्ति से चीनी उत्पादन प्रभावित हुआ है।
✅ उच्च घरेलू मांग: त्योहारों और घरेलू उपभोग की बढ़ती मांग के कारण निर्यात में कमी देखी जा रही है।
✅ सरकारी प्रतिबंध: सरकार ने स्थानीय बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए चीनी निर्यात को सीमित कर दिया है।
✅ वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा: ब्राजील और थाईलैंड जैसी प्रमुख चीनी निर्यातक देशों की सस्ती चीनी भारतीय बाजार को टक्कर दे रही है।

क्या कह रहे हैं उद्योग विशेषज्ञ?

  • भारतीय चीनी मिल संघ (ISMA) के अध्यक्ष राजेश मिश्रा ने कहा,
    “हमारी मिलें उत्पादन में पीछे हैं, जिससे निर्यात लक्ष्य को पूरा करना मुश्किल हो रहा है।”
  • एक्सपोर्टर अजय गुप्ता ने बताया,
    “सरकार से हमें अतिरिक्त निर्यात कोटा देने की जरूरत है, ताकि हम वैश्विक बाजार में अपनी हिस्सेदारी बनाए रख सकें।”

सरकार की प्रतिक्रिया

भारत सरकार ने संकेत दिए हैं कि अगर घरेलू आपूर्ति संतुलित रहती है, तो अतिरिक्त निर्यात कोटा जारी किया जा सकता है। साथ ही, सरकार ब्राजील और थाईलैंड के निर्यात पर नजर बनाए हुए है, ताकि भारतीय चीनी को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बनाए रखा जा सके।

निष्कर्ष

अगर भारत चीनी निर्यात कोटा पूरा नहीं कर पाता है, तो वैश्विक चीनी कीमतों पर असर पड़ सकता है और यह भारतीय चीनी उद्योग की अंतरराष्ट्रीय स्थिति को प्रभावित कर सकता है। अब सभी की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। Read More..

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