नई दिल्ली, 14 अगस्त 2026
Air India Phuket Delhi Flight में हुई गंभीर घटना की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुखेत से दिल्ली जा रहे एयर इंडिया के विमान में अचानक 300 फीट की ऊंचाई गिरी, जिससे यात्रियों और क्रू मेंबर्स को चोटें आईं। रिपोर्ट के अनुसार, कमांडर (पायलट) नींद की समस्या के कारण दवा ले रहे थे और उड़ान के दौरान 30-35 मिनट तक सोए भी थे।

यह घटना ओडिशा के ऊपर हुई। विमान एयरबस A320 (रजिस्ट्रेशन VT-EXO) था। इसमें 137 यात्री (तीन शिशु सहित) और आठ क्रू सदस्य सवार थे। घटना में 20 यात्रियों और चार केबिन क्रू सदस्यों को चोटें आईं। विमान अंततः स्थिर होकर दिल्ली में सुरक्षित उतर गया।
पायलट ने क्या बताया?
Hindustan Times की रिपोर्ट के अनुसार, पायलट ने जांचकर्ताओं को बताया कि वे नींद की समस्या से जूझ रहे थे। पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उन्हें नींद आने में दिक्कत हो रही थी। पुखेत में लेओवर के दौरान भी वे सो नहीं पाए थे।
उन्होंने Pilot Sleep Medication ली थी, जो उनके परिवार के डॉक्टर ने निर्धारित की थी। उड़ान के दौरान वे 30 से 35 मिनट तक सोए। फिर वॉशरूम गए और वापस आकर फर्स्ट ऑफिसर के पीछे खड़े हो गए। उस समय फर्स्ट ऑफिसर विमान उड़ा रहा था और कमांडर मॉनिटरिंग पायलट की भूमिका में थे। तभी टर्बुलेंस या अचानक गिरावट हुई।
ड्रग टेस्ट में पॉजिटिव
लैंडिंग के बाद दोनों पायलटों का साइकोएक्टिव सब्सटेंस (शराब, ड्रग्स आदि) का रूटीन टेस्ट हुआ। कमांडर का पहला (रैपिड) टेस्ट नॉन-नेगेटिव आया। दूसरा कन्फर्मेटरी लैब टेस्ट भी पॉजिटिव आया। दोनों पायलटों को फ्लाइंग ड्यूटी से हटा दिया गया है। जांच पूरी होने तक वे उड़ान नहीं भर सकेंगे।
DGCA और Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) इस घटना को serious incident मानकर जांच कर रहे हैं। एयर इंडिया ने शुरुआत में इसे टर्बुलेंस बताया था।
हाइड्रोलिक सिस्टम में समस्याएं
ANI रिपोर्ट के अनुसार, पोस्ट-फ्लाइट मेंटेनेंस रिपोर्ट में विमान के हाइड्रोलिक सिस्टम, फ्लाइट कंट्रोल और ऑटोपायलट से जुड़े कई अलर्ट मिले हैं।
- ग्रीन, ब्लू और येलो हाइड्रोलिक सिस्टम में बार-बार लो-प्रेशर अलर्ट
- येलो और ब्लू रिजर्वायर में लो फ्लूइड लेवल
- ऑटोपायलट दो बार डिस्कनेक्ट हुआ
- लेफ्ट और राइट एलिवेटर फ्लाइट कंट्रोल फॉल्ट
- इंजन एंटी-आइस और इमरजेंसी एग्जिट डोर से जुड़े संकेत
Hydraulic System Failure जैसे मुद्दों की भी जांच हो रही है। रिपोर्ट में हाइड्रोलिक सिस्टम, एलिवेटर कंप्यूटर और नोज लैंडिंग गियर डोर/इंजन एंटी-आइस वाल्व से जुड़े फेल्योर मैसेज भी दर्ज हैं।
जांच का दायरा
DGCA और AAIB पायलट की नींद, दवा, ड्रग टेस्ट रिजल्ट और तकनीकी खामियों की गहन जांच कर रहे हैं। दोनों पायलटों को ड्यूटी से हटाया गया है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि क्या दवा का असर उड़ान के दौरान था और क्या हाइड्रोलिक सिस्टम की समस्याएं गिरावट का कारण बनीं।
यात्रियों की सुरक्षा और क्रू मेंबर्स की चोटों को लेकर भी जांच हो रही है। एयर इंडिया ने यात्रियों को सहायता देने का आश्वासन दिया है।
निष्कर्ष
Air India Phuket Delhi Flight की यह घटना विमानन सुरक्षा के लिए गंभीर सबक है। पायलट की नींद की समस्या, दवा का सेवन और उड़ान के दौरान सोने का खुलासा जांच को नया मोड़ दे रहा है। साथ ही तकनीकी खामियों की जांच भी जारी है।
DGCA और AAIB की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरा सच सामने आएगा। यात्री सुरक्षा के लिए सख्त मानक और निगरानी की जरूरत फिर से रेखांकित हुई है।
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