Sansad Chalo प्रदर्शन के बाद CJP ने बदली रणनीति, Abhijeet Dipke बोले- युवाओं की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता, लेकिन आंदोलन नहीं रुकेगा

New Delhi: Cockroach Janta Party (CJP) ने घोषणा की है कि वह फिलहाल Parliament मार्च दोबारा आयोजित नहीं करेगी। हालांकि पार्टी ने स्पष्ट किया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर उसका आंदोलन जारी रहेगा। यह फैसला दिल्ली में हाल ही में हुए प्रदर्शन और उसके दौरान हुई झड़पों के बाद लिया गया।
Abhijeet Dipke ने किया बड़ा ऐलान
CJP के संस्थापक Abhijeet Dipke ने कहा कि पार्टी अपने आंदोलन को जारी रखेगी, लेकिन अब दोबारा संसद तक मार्च आयोजित नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी घायल हुए और पार्टी नहीं चाहती कि आगे और युवा चोटिल हों।
उनके अनुसार, आंदोलन का उद्देश्य अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाना है और संगठन आगे की रणनीति इसी दृष्टिकोण से तय करेगा।
Sansad Chalo प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन Sansad Chalo अभियान के तहत बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी दिल्ली में एकत्र हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, जवाबदेही तय करने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर संसद की ओर मार्च करने का प्रयास किया।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए बैरिकेडिंग, लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इस दौरान कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई।
घायलों के आंकड़ों पर अलग-अलग दावे
दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस घटनाक्रम में पुलिस और सुरक्षा कर्मियों सहित लगभग 180 लोग घायल हुए। वहीं Abhijeet Dipke ने दावा किया कि 150 से अधिक प्रदर्शनकारी विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं।
इन आंकड़ों को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। आधिकारिक स्तर पर इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी शेष है।
समर्थकों से मांगी माफी
घटना के बाद Abhijeet Dipke ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने समर्थकों के नाम संदेश जारी किया। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान घायल हुए लोगों के प्रति चिंता व्यक्त की और कहा कि पार्टी भविष्य में अपने समर्थकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।
उन्होंने विशेष रूप से उन महिला प्रदर्शनकारियों के प्रति संवेदना व्यक्त की, जिनके साथ कथित दुर्व्यवहार होने के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र जांच और पुष्टि अभी बाकी है।
आंदोलन जारी रखने का किया ऐलान

Abhijeet Dipke ने स्पष्ट किया कि संसद मार्च रोकने का मतलब आंदोलन समाप्त करना नहीं है। उन्होंने कहा कि संगठन छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज़ उठाता रहेगा।
उन्होंने कहा कि पार्टी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग पर पहले की तरह कायम है।
JP Nadda से हुई मुलाकात
प्रदर्शन के दौरान CJP के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री J P Nadda से भी मुलाकात की। बैठक में पार्टी ने अपनी विभिन्न मांगों को दोहराया।
इन मांगों में Sonam Wangchuk की रिहाई, Dharmendra Pradhan के इस्तीफे तथा NEET पेपर लीक से जुड़े मामलों में प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की मांग भी शामिल थी।
सरकार की प्रतिक्रिया

इस पूरे घटनाक्रम के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने पेपर लीक की घटनाओं को गंभीर बताते हुए कहा कि सरकार ने दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की है और कई लोगों की गिरफ्तारी की गई है।
वहीं संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने कहा कि जब बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है, तब माहौल को और अधिक तनावपूर्ण नहीं बनाया जाना चाहिए।
घायलों से मिलने पहुंचे नेता
प्रदर्शन के बाद केंद्रीय मंत्री J P Nadda, लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi तथा कांग्रेस सांसद Priyanka Gandhi Vadra ने दिल्ली के Ram Manohar Lohia (RML) Hospital पहुंचकर उपचाराधीन प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।
आगे क्या होगा?
अब जबकि CJP ने संसद मार्च नहीं करने का फैसला लिया है, आंदोलन का अगला चरण किस स्वरूप में आगे बढ़ेगा, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
पार्टी का कहना है कि वह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी मांगों को उठाती रहेगी। वहीं सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी जारी है।
निष्कर्ष
Abhijeet Dipke द्वारा संसद मार्च रोकने की घोषणा के बावजूद CJP ने साफ कर दिया है कि उसका आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है। संगठन का कहना है कि वह छात्रों और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेगा, लेकिन भविष्य में ऐसे कदम उठाए जाएंगे जिनसे प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। दूसरी ओर, हालिया घटनाओं को लेकर पुलिस, सरकार और आंदोलनकारी संगठन के दावे अलग-अलग हैं, जिनकी जांच और आधिकारिक प्रक्रियाएं जारी हैं।













