
नई दिल्ली, 18 मई 2026 — भारत को आमों का देश कहा जाता है, और गर्मियों की शुरुआत होते ही पूरे देश में आमों की महक छा जाती है। बाजारों में दशहरी, अल्फांसो, लंगड़ा, चौसा और तोतापरी जैसे नाम सुनकर मुंह में पानी आ जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पूरे भारत में एक छोटा सा कस्बा है, जिसे दुनिया “Mango Capital of India” या “Mango City” कहती है?
यह शहर है — मलिहाबाद (Malihabad), उत्तर प्रदेश। लखनऊ से महज 25 किलोमीटर दूर स्थित यह छोटा सा इलाका न सिर्फ आम उत्पादन के लिए, बल्कि अपनी अनोखी खुशबू, स्वाद और सांस्कृतिक विरासत के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है।
मलिहाबाद को “Mango City” क्यों कहा जाता है?

मलिहाबाद को भारत की आम राजधानी कहने के पीछे कई ठोस वजहें हैं। यह क्षेत्र:
- हजारों हेक्टेयर में फैले घने आम के बागानों
- 200 साल से ज्यादा पुरानी बागवानी परंपरा
- विश्व स्तर की गुणवत्ता वाले आम
- खास मिट्टी और जलवायु
- निर्यात योग्य फलों
के लिए जाना जाता है। यहां की मिट्टी में ऐसी खासियत है कि आमों को अनोखी खुशबू और मिठास मिलती है। स्थानीय किसान गर्व से कहते हैं — “हमारी मिट्टी में आम की खुशबू पहले से बसती है।”
दशहरी आम का असली घर: मलिहाबाद
अगर आप दशहरी आम के दीवाने हैं, तो जान लीजिए कि इसका असली जन्मस्थान मलिहाबाद ही है। लगभग 200 साल पहले यहां एक खास पेड़ से दशहरी variety की शुरुआत हुई थी। आज भी उस मूल पेड़ को स्थानीय लोग ऐतिहासिक धरोहर की तरह संजोकर रखते हैं।
दशहरी आम की खासियतें:
- बेहद मीठा और रसदार स्वाद
- पतला छिलका
- बहुत कम रेशा
- तीव्र और लुभावनी खुशबू
- लंबे समय तक ताजा रहने की क्षमता
इसी वजह से दशहरी न सिर्फ भारत में, बल्कि विदेशों में भी बेहद लोकप्रिय है।
यहां आम सिर्फ फल नहीं, एक पूरी अर्थव्यवस्था है
मलिहाबाद की स्थानीय अर्थव्यवस्था आम पर काफी हद तक निर्भर है। हजारों परिवार सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से आम की खेती, पैकिंग, ग्रेडिंग, ट्रांसपोर्टेशन, एक्सपोर्ट और प्रोसेसिंग से जुड़े हुए हैं।
गर्मियों के मौसम में पूरा इलाका आम व्यापार का हब बन जाता है। स्थानीय मंडियों में देशभर के व्यापारी पहुंचते हैं। ट्रक भर-भरकर आम पूरे देश में भेजे जाते हैं।
विदेशों तक पहुंचता है मलिहाबाद का आम
मलिहाबाद के आम सिर्फ घरेलू बाजार तक सीमित नहीं हैं। ये निर्यात भी होते हैं। UAE, Saudi Arabia, UK, Europe, USA और South-East Asian देशों में मलिहाबाद के दशहरी और अन्य varieties की अच्छी मांग है।
हालांकि निर्यात के लिए quality control, proper packaging, cold chain management और international standards का पालन बहुत जरूरी होता है।
Mango Tourism का नया ट्रेंड
पिछले कुछ वर्षों में मलिहाबाद में Mango Tourism भी तेजी से बढ़ा है। अब लोग सिर्फ आम खरीदने नहीं, बल्कि आम के बागों को देखने, fresh आम तोड़कर खाने और वहां की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने भी आते हैं।

हर साल यहां Mango Festival आयोजित किया जाता है, जिसमें:
- अलग-अलग varieties का प्रदर्शन
- आम चखने के कार्यक्रम
- Orchard tours
- Farm stays
- सांस्कृतिक कार्यक्रम
आयोजित होते हैं। यह त्योहार स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यटन को भी नई दिशा दे रहा है।
मलिहाबाद में मिलने वाली प्रमुख आम की किस्में
ज्यादातर लोग सिर्फ दशहरी जानते हैं, लेकिन मलिहाबाद में कई अन्य स्वादिष्ट किस्में भी उगाई जाती हैं:
- Langda
- Chausa
- Safeda
- Amrapali
- Mallika
- Fazli
हर किस्म का अपना अलग स्वाद, रंग, आकार और खुशबू होती है। कुछ मीठे होते हैं, तो कुछ में हल्की खटास पसंद की जाती है।
जलवायु और मिट्टी का कमाल
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, मलिहाबाद की उपजाऊ मिट्टी, सही तापमान, नमी और मौसमी बारिश यहां आम की खेती के लिए आदर्श परिस्थितियां बनाती है। यही वजह है कि यहां के आमों में अन्य जगहों की तुलना में बेहतर aroma और sweetness पाई जाती है।
चुनौतियां भी कम नहीं
मलिहाबाद के किसान कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। इनमें शामिल हैं:
- मौसम में अनिश्चितता और जलवायु परिवर्तन
- गर्म हवाएं (heatwaves)
- अनियमित बारिश
- कीट और बीमारियां
- बढ़ती परिवहन और पैकिंग लागत
कई किसान अब आधुनिक तकनीक जैसे ड्रिप इरिगेशन, वेदर मॉनिटरिंग, ऑर्गेनिक फार्मिंग और बेहतर पैकेजिंग की ओर बढ़ रहे हैं।
भविष्य की संभावनाएं
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मलिहाबाद को बेहतर ब्रांडिंग, GI टैगिंग, बेहतर कोल्ड स्टोरेज और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर मिले, तो यहां के आम global luxury fruit market में और मजबूती से अपनी जगह बना सकते हैं।
Mango processing industry (जूस, पल्प, ड्राई फ्रूट्स आदि), ऑर्गेनिक आम बाजार और एग्रो-टूरिज्म के क्षेत्र में भारी संभावनाएं हैं।
निष्कर्ष

मलिहाबाद सिर्फ एक आम उत्पादक क्षेत्र नहीं है। यह भारतीय मिट्टी की मेहनत, किसानों की पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही परंपरा और स्वाद की जीवंत मिसाल है। जब गर्म हवा में पके दशहरी आमों की महक फैलती है, तो यह सिर्फ फल की खुशबू नहीं, बल्कि भारत की कृषि विरासत, संस्कृति और किसान की कहानी भी कहती है।
भारत में आम को “फलों का राजा” इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि भावनाओं और परंपराओं को भी जोड़ता है। और मलिहाबाद इस राजा की राजधानी है।
आपकी राय क्या है? क्या आपने कभी मलिहाबाद का असली दशहरी या लंगड़ा आम चखा है? आपकी पसंदीदा आम की variety कौन-सी है?