नई दिल्ली, 17 जून 2026
Lucknow: भारत एक ऐसा देश है जहाँ हर शहर की अपनी एक गहरी ऐतिहासिक कहानी है। कई जगहों के नाम समय के साथ बदलते रहे हैं। ये पुराने नाम राजाओं, संस्कृतियों और प्राचीन परंपराओं की कहानियाँ सुनाते हैं।

Written by: Asiya Shaheen
इसी क्रम में एक सवाल बहुत बार पूछा जाता है — Lucknow का पुराना नाम क्या था?
लखनऊ का सबसे प्राचीन नाम
लखनऊ का सबसे पुराना ज्ञात नाम लक्ष्मणपुरी या लक्ष्मणावती था।
किवदंती के अनुसार, भगवान राम के छोटे भाई लक्ष्मण ने अयोध्या से लौटने के बाद गोमती नदी के किनारे इस उपजाऊ भूमि को बसाया था। राम ने लक्ष्मण को यह भूमि उपहार में दी थी, इसलिए शहर का नाम लक्ष्मणपुरी पड़ा।
समय के साथ यह नाम बदलता रहा:
- लक्ष्मणावती → लखनपुर (11वीं शताब्दी)
- लखनऊ (मध्यकाल)
- लखनऊ (आधुनिक नाम)

आज भी लखनऊ में लक्ष्मण टीला नामक जगह मौजूद है, जिसे इतिहासकार इस प्राचीन बस्ती का मूल स्थल मानते हैं।
नाम कैसे बदला?
नामों का बदलना सिर्फ शब्दों का परिवर्तन नहीं, बल्कि सत्ता, भाषा और संस्कृति के मिश्रण का परिणाम है।

- मुस्लिम शासन के दौरान नाम लखनऊ में बदल गया।
- मुगल काल में यह लखनऊ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।
- 1775 में नवाब आसफ-उद-दौला ने अपनी राजधानी फैजाबाद से लखनऊ स्थानांतरित की, जिसके बाद शहर अपनी भव्यता और नवाबी संस्कृति के लिए मशहूर हो गया।
- अंग्रेजों ने नाम को Lucknow कर दिया, जो आज भी आधिकारिक नाम है।
लखनऊ के 10+ रोचक तथ्य

- बड़ा इमामबाड़ा का मुख्य हॉल दुनिया का सबसे बड़ा मेहराब वाला हॉल है जिसमें कोई आंतरिक स्तंभ या बीम नहीं है।
- चारबाग रेलवे स्टेशन ऊपर से देखने पर शतरंज की बिसात जैसा दिखता है।
- हुसैनाबाद क्लॉक टावर भारत का सबसे ऊँचा घड़ी टावर है (221 फीट)।
- भारत में पहली STD कॉल लखनऊ और कानपुर के बीच 1960 में हुई थी।
- सिटी मॉन्टेसरी स्कूल दुनिया का सबसे बड़ा स्कूल है (गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड)।
- जनेश्वर मिश्र पार्क एशिया का सबसे बड़ा गार्डन है (376 एकड़)।
- लखनऊ को भारत का पहला CCTV सिटी बनाया गया था।
- भूलभुलैया में 489 समान दरवाजे हैं, जो दुश्मनों को भ्रमित करने के लिए बनाए गए थे।
- रूमी दरवाजा 1784 के अकाल के दौरान भूखमरी से बचाने के लिए बनवाया गया था।
- लखनऊ रेस कोर्स भारत का इकलौता ट्रैक है जहाँ घोड़े घड़ी की दिशा में उल्टी दिशा में दौड़ते हैं।
गोमती नदी ने शहर को कैसे आकार दिया?
प्राचीन लखनऊ सिर्फ राजाओं द्वारा नहीं, बल्कि गोमती नदी द्वारा आकार दिया गया था। लक्ष्मण टीला ऊँचा टीला था, जो नदी के मौसमी बाढ़ से सुरक्षित था। नदी ने शहर को प्राकृतिक सुरक्षा दी और आसपास की उपजाऊ भूमि ने खाद्यान्न उपलब्ध कराया।
निष्कर्ष

Lucknow का सफर लक्ष्मणपुरी से लखनऊ तक सिर्फ नाम का नहीं, बल्कि संस्कृति, सत्ता और समय का सफर है।
आज भी जब हम लखनऊ कहते हैं, तो उसमें लक्ष्मण की विरासत, नवाबों की शान और गोमती की कहानी छिपी हुई है।
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