नई दिल्ली, 04 जून 2026
नई दिल्ली. भारत ने पाकिस्तान को Pakistan Gilgit-Baltistan में आम चुनाव कराने के प्लान पर सख्त चेतावनी दी है। भारत ने पाकिस्तान से साफ कहा है कि “Must Vacate” गिलगित-बाल्टिस्तान। भारत का रुख है कि यह क्षेत्र पाकिस्तान का नहीं, बल्कि भारत का अभिन्न अंग है और वहां कोई चुनाव कराना पूरी तरह अवैध और अस्वीकार्य है।

Written by: Asiya Shaheen
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “पाकिस्तान गिलगित-बाल्टिस्तान पर कब्जा छोड़ दे। यह क्षेत्र भारत का हिस्सा है। वहां कोई चुनाव कराना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।”
पाकिस्तान का विवादित प्लान
पाकिस्तान ने हाल ही में गिलगित-बाल्टिस्तान में आम चुनाव कराने की तैयारी शुरू कर दी है। पाकिस्तानी सरकार का दावा है कि यह क्षेत्र उसका हिस्सा है और वहां लोकतांत्रिक प्रक्रिया चलाई जाएगी। लेकिन भारत ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है।
भारत का स्पष्ट स्टैंड है कि गिलगित-बाल्टिस्तान जम्मू-कश्मीर का हिस्सा है और 1947 के बाद से पाकिस्तान ने इस पर अवैध कब्जा किया हुआ है।
भारत का सख्त रुख

विदेश मंत्रालय ने कहा, “पाकिस्तान को गिलगित-बाल्टिस्तान से तुरंत हटना चाहिए। वहां कोई चुनाव या प्रशासनिक बदलाव भारत स्वीकार नहीं करेगा।”
India’s ‘Must Vacate’ Warning को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काफी महत्व दिया जा रहा है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य मंचों पर भी इस मुद्दे को उठाने की तैयारी कर ली है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
Pakistan Gilgit-Baltistan क्षेत्र 1947 के विभाजन के समय भारत का हिस्सा था। पाकिस्तान ने 1948 में इस पर कब्जा कर लिया। भारत इसे अपने संविधान के अनुसार अपना अभिन्न अंग मानता है।
2019 में जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद भारत ने स्पष्ट किया था कि गिलगित-बाल्टिस्तान सहित पूरा क्षेत्र भारत का अविभाज्य हिस्सा है।
पाकिस्तान की चाल क्यों?
विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव कराकर इस क्षेत्र को अपने कब्जे को वैधता देने की कोशिश कर रहा है। साथ ही चीन के साथ CPEC (China-Pakistan Economic Corridor) प्रोजेक्ट के तहत इस क्षेत्र का इस्तेमाल करना चाहता है।
भारत कई बार कह चुका है कि CPEC भारत की संप्रभुता का उल्लंघन है क्योंकि यह विवादित क्षेत्र से होकर गुजरता है।
भारत की मजबूत तैयारी
सूत्रों के अनुसार, भारत ने इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को विस्तृत जानकारी दी है। विदेश मंत्री ने कई देशों के साथ द्विपक्षीय बातचीत में इस मुद्दे को उठाया है।

India’s ‘Must Vacate’ Warning को पाकिस्तान के लिए एक बड़ी चेतावनी माना जा रहा है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
भारतीय जनता पार्टी ने कहा, “पाकिस्तान को भारत की चेतावनी गंभीरता से लेनी चाहिए। गिलगित-बाल्टिस्तान भारत का है और रहेगा।”
कांग्रेस ने भी सरकार का समर्थन करते हुए कहा कि गिलगित-बाल्टिस्तान पर भारत का रुख स्पष्ट और अटल होना चाहिए।
विशेषज्ञों का विश्लेषण
पूर्व राजनयिक और विशेषज्ञ डॉ. एस. जयशंकर के करीबी सूत्रों का कहना है कि भारत अब इस मुद्दे पर ज्यादा आक्रामक रुख अपनाने जा रहा है। गिलगित-बाल्टिस्तान में पाकिस्तान की कोई भी कार्रवाई भारत के लिए लाल रेखा है।
निष्कर्ष

India’s ‘Must Vacate’ Warning ने एक बार फिर पाकिस्तान को साफ संदेश दे दिया है कि गिलगित-बाल्टिस्तान पर उसका कब्जा कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पाकिस्तान अगर चुनाव कराने की जिद पर अड़ा रहा तो भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर और मजबूती से आवाज उठाएगा।