PM Narendra Modi अपनी सख्त डाइट और फिटनेस रूटीन के लिए जाने जाते हैं। 75 वर्षीय मोदी कई पॉडकास्ट और इंटरव्यू में अक्सर घर का बना खाना खाने की अपनी आदत और शुरुआती दिनों में खुद खाना बनाने की बात करते रहे हैं।

Written by: Asiya Shaheen
हाल ही में यूट्यूबर Nikhil Kamath के साथ एक खास इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भोजन संबंधी रुझानों, रेस्तरां में खाने और विदेश यात्राओं के दौरान खाने के अनुभव को लेकर खुलकर बात की।
“मैं खाने का शौकीन नहीं हूँ”
Nikhil Kamath के साथ बातचीत में PM Narendra Modi ने कहा, “मैं खाने का शौकीन नहीं हूँ। जिस देश में जाता हूँ, वहाँ जो भी परोसा जाता है, मैं विनम्रता से खा लेता हूँ। लेकिन मेरी बदकिस्मती यह है कि अगर आज आप मुझे किसी रेस्तरां में ले जाएँ और मेन्यू देकर कुछ चुनने को कहें, तो मैं चुन नहीं पाऊँगा।”

उन्होंने अपने शुरुआती राजनीतिक दिनों को याद करते हुए बताया, “जब मैं संगठन में काम करता था, तब अरुण जेटली खाने के बहुत शौकीन थे। वे पूरे भारत के अच्छे रेस्तरां और शहरों के बारे में जानते थे। वे एक तरह से खाने का विश्वकोश थे।”
“जब हम बाहर जाते थे, तो हम साथ में रेस्तरां में खाना खाते थे। मैं हमेशा अरुण जी से कहता था — ‘कृपया आप ही ऑर्डर कर दीजिए’।”
आज भी मेन्यू देखकर कुछ नहीं चुन पाते
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “आज भी अगर कोई मुझे मेन्यू दे दे और कुछ चुनने को कहे, तो मैं चुन नहीं पाऊँगा। क्योंकि जो नाम पढ़ता हूँ, उससे मुझे पता नहीं चलता कि वह डिश क्या है। मेरी कोई खास प्रवृत्ति नहीं है। मुझे बस शाकाहारी भोजन चाहिए।”
मखाने का दीवाना

भागलपुर में PM-KISAN की 19वीं किस्त जारी करने के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि वे मखाना (फॉक्सनट) को “सुपरफूड” मानते हैं और साल के 365 दिनों में से कम से कम 300 दिनों में मखाना खाते हैं।
उन्होंने कहा, “अब मखाना शहरों में नाश्ते का हिस्सा बन गया है। व्यक्तिगत रूप से मैं साल में 300 दिन मखाना खाता हूँ। यह सुपरफूड है, जिसे हमें वैश्विक बाजार में ले जाना चाहिए। इसलिए इस साल के बजट में हमने मखाना किसानों के हित में मखाना बोर्ड बनाने की घोषणा की है।”
साबूदाना खिचड़ी से खास लगाव

PM मोदी को साबूदाना खिचड़ी का भी बहुत शौक है। वर्ष 2022 की एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने स्थानीय भाजपा नेता दीपक शर्मा की पत्नी सीमा शर्मा को साबूदाना खिचड़ी बनाने की सही विधि सिखाई थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 1997 में नवरात्रि के दौरान जब मोदी पीटरहॉफ होटल में ठहरे थे, तो उन्होंने दीपक शर्मा की पत्नी से खिचड़ी बनाने को कहा था। जब खिचड़ी उनके स्वाद के अनुसार नहीं बनी, तो उन्होंने खुद उन्हें सही तरीका दिखाया।
मोरिंगा पराठा का शौक

अपने इंस्टाग्राम रील में प्रधानमंत्री मोदी ने मोरिंगा पराठा (सहजन का पराठा) के प्रति अपने लगाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वे इसे अक्सर खाते हैं। मोरिंगा ब्लड शुगर कंट्रोल करने और डायबिटीज प्रबंधन में मदद करता है।
उपवास का महत्व
पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ इंटरव्यू में PM मोदी ने अपने फिटनेस रूटीन और उपवास की आदत पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा, “उपवास मुझे कभी कमजोर नहीं करता। मैं उतना ही काम करता हूँ, कभी-कभी और ज्यादा भी।”

उन्होंने चातुर्मास की परंपरा का जिक्र करते हुए बताया कि मध्य जून से नवंबर तक वे 24 घंटे में सिर्फ एक समय भोजन करते हैं।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भोजन के प्रति यह सरल और अनुशासित रवैया उनके व्यक्तित्व को दर्शाता है। वे लगातार घर का बना, शाकाहारी और स्वस्थ भोजन को प्राथमिकता देते हैं। उनके अनुसार, भोजन सिर्फ शरीर का पोषण नहीं, बल्कि अनुशासन और संयम का प्रतीक भी है।

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